कश्मीरी आतंकवादी का जीवनकाल 2 दिन से लेकर 1 साल- रिपोर्ट - See Latest
कश्मीरी आतंकवादी का जीवनकाल  2 दिन से लेकर 1 साल- रिपोर्ट

एक रिपोर्ट के अनुसार कश्मीर घाटी में रहने वाले और घुशपैठ करके आने वाले आतंकवादी का जीवनकाल 2  दिन से लेकर ज्यादा से ज्यादा 1 साल का ही रहा है | सेना की तरफ से दिए गए आधिकारिक बयान में जिसमे आतंकवाद से निपटने के तरीके तथा आधारों पर अपना अनुभव शेयर करते हुए अधिकारी ने कहा है की कश्मीर में कोई भी सक्रिय आतंकवादी या फिर नया भर्ती होने वाला आतंकवादी सब सेना की नजरो में चंद समय में आ जाते हैं और इसके साथ ही उनको आतंकवाद के रास्ते से हटाने के या मुख्य धारा में वापस लाने के लिए हम अपनी ड्यूटी निभाते जाते हैं, और जैसा की अनुभव रहा है कोई भी आतंकवादी ज्यादा दिन तक भारतीय सेना के सामने ज्यादा नहीं टिक सकता और उसका जीवनकाल 2 दिन से लेकर 365 दिन जो की मैक्सिमम हम बताते हैं बस इतना ही रह जाता है |

       किसी भी आतंकवादी की जीवनरेखा 2 दिन से लेकर 1  साल  

सेना के अधिकारी के दिए गए वक्तव्य और साझा किये गए अनुभव के तौर पर मिलिटेंसी और आतंकवाद के बढ़ने का मुख्य कारण आज भी वहां के मदरसों में दी जा रही कलंकित शिक्षा है जिसमे इस्लामीकरण का कुछ अलग ही पाठ पढ़ाया जाता है | उनको आज भी अलग कश्मीर और इस्लामीकरण का जो पाठ मदरसों में पढ़ाया जा रहा है, वो एक मुख्य कारण है जिससे आर्थिक तौर पर कमजोर और अशिक्षित युवा हथियार उठाते हैं और भारतीय सेना को ही अपना दुश्मन मानते हैं | इस तरीके से जब तक इस ख़त्म नहीं किया जाता, भारतीय सेना के पास ज्यादा ऑप्शन नहीं बचते| सेना नहीं चाहती की कोई भी घाटी का युवा आतंकवाद के रास्ते पर चले और हमारी फिर भी कोशिस रहती है की वह अपनी मुखयधारा से जुड़कर ही चले, इन सबके बाद हमारी तरफ से जो भी भारतीय सेना की ड्यूटी बनती है हम किसी भी आतंकवादी को ज्यादा लम्बी जीवनरेखा नहीं दे सकते |

READ ALSO- Jammu & Kashmir No Longer A State- Bifurcated in Two UTs

आतंकवाद का रास्ता अपनाने का मुख्य कारण

 life expectancy of a militant in kashmir

आर्थिक हालत या धार्मिक बहकावे के चलते जम्मू-कश्मीर खासकर की साउथ कश्मीर से या फिर पाकिस्तान द्वारा भेजे गए घुशपैठिये जिन्होंने भी आतंकवाद का रास्ता चुना है वो बहुत जल्द ही खात्मे का शिकार हुए हैं, भारतीय सेना की तरफ से वक्तव्य देते हुए अधिकारी ने कहा है की आतंकवादियों की जीवनसीमा अब सिर्फ 2 दिन से लेकर ज्यादा से ज्यादा एक साल रह गयी है जो भी इस रस्ते पर चलता है अब वो भारतीय सेना के लिए मात्र कुछ दिन का मेहमान रह जाता है और उसका लाइफ एक्सपेक्टेंसी ग्राफ दिनों दिन निचे गिरता जाता है |

जैसा की भारतीय सेना का आतंकवादियों से डील करने का अनुभव रहा है, ज्यादातर नौजवान ब्रेनवाश का शिकार होते हैं चाहे वह पडोशी मुल्क द्वारा प्रायोजित किये गए हों या फिर कश्मीर के युवा जो अपने आपको धर्म के नाम पर रास्ता भटक कर अपने आपको खलीफा या अमर मानने लग जाते हों, सिर्फ कुछ ही दिनों की उनकी जीवनरेखा रह जाती है |

Source-IDRW

Must Read- Balakot Air Strike Official Video Released